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Saturday, March 7, 2026
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गाजीपुर के मेधावियों का यूपीएससी में जलवा: जिले का किया नाम रोशन

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गाजीपुर की धरती, जो अपने वीर सपूतों, महान साहित्यकारों और क्रांतिकारियों के लिए विश्व विख्यात है, आज एक बार फिर अपनी ‘मेधा’ के कारण चर्चा में है। हाल ही में घोषित यूपीएससी (UPSC) 2025 के परिणामों में जनपद के करीब आधा दर्जन युवाओं ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से न केवल अपना और अपने परिवार का, बल्कि पूरे गाजीपुर का नाम रोशन किया है।

सफलता के सितारे:

1. शुभम सिंह (21वीं रैंक) – टांडा सादात

जनपद के टांडा सादात ग्राम निवासी श्री दीनानाथ सिंह के पुत्र शुभम सिंह ने इस परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। हालांकि उनका परिवार वर्तमान में गाँव से बाहर रहता है, लेकिन उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे गाँव में जश्न का माहौल है।

2. प्रियंका चौधरी/कनौजिया (79वीं रैंक) -जखनियां
जखनियां तहसील में कार्यरत संग्रह अनुसेवक नीरा राम की बेटी प्रियंका चौधरी ने 79वीं रैंक प्राप्त कर एक मिसाल पेश की है। मूल रूप से चौकिया गाँव की निवासी प्रियंका ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा महावीर सर्वोदय इंटर कॉलेज, जखनियां से पूरी की। भौतिक विज्ञान (Physics) से एमएससी की। वर्तमान में वह बीएचयू (BHU) से पीएचडी की तैयारी कर रही थीं।

3. खान साइमा सेराज अहमद (135वीं रैंक) – उसियां

उसियां गाँव की बेटी खान साइमा सेराज अहमद ने अपनी काबिलियत को एक बार फिर साबित किया है। वह वर्तमान में आईआरएस (#IRS) अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और इस बार 135वीं रैंक प्राप्त कर अपनी स्थिति और सुधारी है।

4. प्रांजल राय (250वीं रैंक) – नगसर


नगसर गाँव के प्रांजल राय ने प्रथम प्रयास में ही 250वीं रैंक हासिल की।  बीटेक (BIT रांची) करने के बाद उन्होंने अमेजन जैसी बड़ी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया।  इंजीनियर होने के बावजूद उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए हिंदी विषय को चुना। उनके पिता श्री अजित राय हिंदी के प्रवक्ता और जाने-माने साहित्यकार हैं।

5. दीपक (672वीं रैंक) – जमानिया

जमानिया के बजरंग नगर कॉलोनी के निवासी और फौजी पिता रामवृक्ष के इकलौते बेटे दीपक ने 672वीं रैंक हासिल की। एनआईटी वारंगल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने रायपुर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्य किया। दो वर्ष पहले नौकरी छोड़कर दिल्ली में तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफल रहे।
जनपद में हर्ष का माहौल

इन युवाओं की सफलता पर गाजीपुर की राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई दी है। यह सफलता गाजीपुर के उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

गाजीपुर के इन युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों और संकल्प दृढ़ हो, तो दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा को भी फतह किया जा सकता है।

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