गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने फार्मर आईडी किसान पहचान पत्र को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के लिए अनिवार्य कर दिया है। भारत सरकार द्वारा भविष्य में प्रदान की जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को प्रदान की जाएगी जिनके फार्मर आई डी पहचान पत्र जारी कर दिए गए हो। राज्य सरकार द्वारा भी कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, लघु सिंचाई इत्यादि विभागों की लाभार्थी परक योजनाओं का क्रियान्वयन किसान पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। वर्तमान में उर्वरकों का वितरण पोस मशीनों के माध्यम से आईएफएमएस इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के द्वारा किया जाता है। मई 2026 से यह वितरण फार्मर रजिस्ट्री किसान पहचान पत्र के आधार पर ही किया जाएगा और इसके लिए कृषि विभाग तथा भारत सरकार से समन्वय स्थापित कर आईएफएमएस पोर्टल को एग्रीस्टेक पोर्टल से जोड़ा जाएगा। कृषि विभाग की समस्त लाभार्थी परक योजनाओं में फार्मर रजिस्ट्री की मदद से लाभार्थियों का चयन करने हेतु कृषि विभाग अपने पोर्टल को 1 मई 2026 तक तैयार कर लेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाने वाली समस्त खरीद में तत्काल प्रभाव से फार्मर आईडी किसान पहचान पत्र को अनिवार्य करते हुए उन्हीं किसानों से खरीद की जाएगी जिनके पास फार्मर आईडी किसान पहचान पत्र होंगे । जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने किसान भाइयों से अपील की है कि 6 अप्रैल से प्रारंभ फार्मर रजिस्ट्री के विशेष सघन अभियान में आपकी ग्राम पंचायत में जो कैंप आयोजित किए जा रहे हैं वहां अपने मोबाइल, आधार कार्ड, खतौनी के साथ अवश्य पहुंचकर इस सुविधा का लाभ उठाएं। साथ ही अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी इसके संबंध में अवगत कराते हुए किसान पहचान पत्र बनवाए जिससे कि आप योजनाओं का पूर्व की भांति लाभ प्राप्त करते रहें।
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