गाजीपुर। विकास खंड करंडा में एक माह में दूसरी बार भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। ग्राम पंचायत सिसौड़ा में भ्रष्टाचार ने अब ऑनलाइन वसूली का रूप ले लिया है। ग्राम पंचायत सचिव सौरभ राय पर आरोप है कि वह खुलेआम नकद नहीं, बल्कि अपने ही रिश्तेदारों के बैंक खातों और फोन-पे नंबरों के जरिए रिश्वत की रकम मंगवाते हैं, ताकि सरकारी पैसे की लूट डिजिटल तरीके से की जा सके। वहीं सचिव द्वारा ग्राम प्रधान से कमीशन मांगने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। ग्राम प्रधान रुद्र प्रताप यादव ने अपने लेटर पैड पर खंड विकास अधिकारी शुवेदिता सिंह को दी गई शिकायती पत्र में साफ तौर पर आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव न तो नियमित रूप से ग्राम सभा में आते हैं और न ही अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। पंचायत में कराए गए नाली निर्माण कार्य के भुगतान के बदले सचिव द्वारा पहले 11 हजार रुपये की मांग की गई, और संकेत दिया गया कि रकम ऑनलाइन भेजी जाए। सबसे गंभीर आरोप यह है कि सचिव ने खुद के बजाय अपने सगे रिश्तेदारों के खातों में पैसा लेने का माध्यम बना रखा है, ताकि जांच से बचा जा सके। ग्राम प्रधान का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है इससे पहले भी इसी तरह फोन-पे के जरिए अवैध वसूली की जा चुकी है।

इस संबंध में सचिव सौरभ राय का पक्ष पक्ष रखने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
करंडा ब्लाक में एक माह के भीतर दूसरी बार भ्रष्टाचार की की पोल ग्राम प्रधानों द्वारा खोली गई है। अब सवाल यह उठता है कि जब पंचायत सचिव ही ऑनलाइन रिश्वत का नेटवर्क चला रहे हों, तो ग्राम सभा में विकास कैसे होगा? क्या बीडीओ इस डिजिटल घूसकांड पर सख्त कार्रवाई करेगी या फिर मामला जांच में लीपापोती होकर फाइलों में दबकर रह जाएगा? अब लोगों की नजरे खंड विकास अधिकारी करंडा की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाया गया तो पंचायत व्यवस्था में जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी करंडा के सीयूजी नंबर – 9454465251 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनके द्वारा न तो फोन उठाया गया और न ही काॅल बैक किया गया।
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