गाजीपुर। सादात नगर पंचायत में इन दिनों नई स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू करने के लिए सर्वे का काम जारी है। इसे लेकर नगर प्रशासन और नागरिकों में मतभेद की स्थिति बनीं हुई है। नगर प्रशासन जहां इसे नगरवासियों के लिए हितकारी बता रहा है, वहीं नागरिकों का कहना है कि इस प्रणाली के तहत तीन से चार गुना तक अधिक हाउस और वाटर टैक्स देना पड़ सकता है। नई व्यवस्था में भवन मालिकों को अपने मकान और खाली पड़ी जमीन की लंबाई-चौड़ाई का विवरण देना होगा। इसके लिए तैयार प्रारूप तैयार किया गया है। भवन मालिकों को इस प्रारूप में कमरों, बरामदे, बालकनी, कॉरीडोर, रसोई और भंडारगृह का पूरा एरिया बताना होगा। नगर पंचायत की ईओ सोनल जैन ने बताया कि भवन मालिकों से सूचनाएं एकत्र की जा रही है। फॉर्म भरने में मदद के लिए नगर पंचायत कर्मियों को लगाया गया है। टैक्स का निर्धारण भवन की मंजिलों के अनुसार होगा। एक मंजिला, दो मंजिला और तीन मंजिला इमारतों का कर बढ़ते क्रम में निर्धारित किया जाएगा। भवन मालिकों द्वारा दी गई जानकारी की जांच नगर पंचायत का टैक्स विभाग करेगा। गलत सूचना देने पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है। ईओ सोनल जैन ने बताया कि स्वकर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कर निर्धारण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ बनाना है, साथ ही करों की वसूली में आने वाली विसंगतियों को दूर करना है। इससे कर निर्धारण में पारदर्शिता आयेगा, क्योंकि भवन स्वामी स्वयं अपनी जानकारी प्रस्तुत करते हैं।
गाजीपुर: नगर पंचायत सादात में स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू करने के लिए सर्वे शुरु, सियासत गरम
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