गाजीपुर। भरोसे की डोर पर सवार साइबर ठगों ने लखनऊ निवासी एक व्यक्ति से 1.20 लाख रूपए ठग लिए। शातिरों ने रिश्तेदारी का जाल बुनकर लूट की ऐसी पटकथा लिखी कि पीड़ित को होश आने तक बैंक खाता खाली हो चुका था। मामला गाजीपुर कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ किशन चन्द्र वर्मा पुत्र मनोहर लाल वर्मा, फिलहाल जे-8 रेजिडेंस, न्यायालय परिसर गाजीपुर में रह रहे हैं।
पीड़ित के मुताबिक बीते 30 सितंबर को दोपहर 2:41 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनके बहनोई श्रवण का नाम लेते हुए कहा कि बहनोई के मामा के लड़के का एक्सीडेंट हो गया है, सिर में चोट है, पैसे की तत्काल जरूरत है। पीड़ित ने स्थिति को गंभीर समझते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। उसी दौरान उनके मोबाइल पर 10,000 रूपए का फर्जी मैसेज आया और व्हाट्सएप नंबर से बारकोड भेजा गया। ठग ने कहा भैया, इस बारकोड से पेमेंट कर दो, बहुत जरूरी है। विश्वास के जाल में फंसकर उन्होंने गूगल पे और एयरटेल पेमेंट बैंक से कुल एक लाख बीस हजार रुपये भेज दिए।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर:
पीड़ित किशन वर्मा ने सभी ट्रांजैक्शन आईडी, बैंक रसीदें, व्हाट्सएप चैट्स और कॉल डिटेल्स को साक्ष्य के रूप में थाना कोतवाली गाजीपुर में सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठगों ने सोची-समझी साजिश के तहत रिश्तेदारी का झूठा हवाला देकर उनके भरोसे का दुरुपयोग किया।
शहर कोतवाली पुलिस एफआईआर दर्ज कर छानबीन में जुट गई है। और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों, बैंक खातों तथा यूपीआई आईडी की ट्रेसिंग जारी है। साइबर क्राइम सेल को भी मामले की सूचना दी गई है ताकि रकम की बरामदगी और अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
रिश्तों के नाम पर ठगी:साइबर ठगों का बढ़ा दुस्साहस:
लगातार बढ़ते साइबर अपराधों ने आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। अब ठग रिश्तों और पहचान के नाम पर भरोसे को हथियार बना रहे हैं।
पुलिस ने जनता को सतर्क करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में पैसे भेजने से पहले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि अवश्य करें।क्षअज्ञात लिंक, बारकोड या कॉल पर भरोसा न करें।
ठगी की घटना होते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम थाने में संपर्क करें।
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