गाजीपुर। भारतीय सेना में तीन दशकों तक निष्ठा, अनुशासन और साहस के साथ देश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार रामप्रवेश यादव के सम्मान में ग्राम सभा अतरौली में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। लंबे सैन्य जीवन के बाद जब सूबेदार रामप्रवेश यादव अपने पैतृक गांव पहुंचे तो पूरा गांव देशभक्ति और गर्व के भाव से सराबोर नजर आया।
गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। माल्यार्पण, अंगवस्त्र भेंट और जयकारों के बीच भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के नारों से वातावरण गूंज उठा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार आरती उतारकर उनका स्वागत किया, वहीं बच्चों और युवाओं ने फूल भेंट कर सम्मान प्रकट किया। यह दृश्य गांव के लिए गर्व और भावनात्मक क्षणों से भरा रहा।
ग्रामीणों ने अपने संबोधन में कहा कि सूबेदार रामप्रवेश यादव ने सेना में रहते हुए न केवल देश की सीमाओं की रक्षा की, बल्कि अपने गांव और समाज का नाम भी रोशन किया है। उनका संपूर्ण जीवन अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा का प्रतीक रहा है। ऐसे वीर सपूतों का सम्मान नई पीढ़ी को देशसेवा के लिए प्रेरित करता है और गांव के लिए यह गौरव की बात है।
सम्मान समारोह में भावुक होते हुए सूबेदार रामप्रवेश यादव ने ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गांव की मिट्टी, बुजुर्गों का आशीर्वाद और लोगों का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सेना में बिताए गए वर्षों ने उन्हें जीवन में अनुशासन और कर्तव्य का महत्व सिखाया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा, अनुशासन और देशसेवा को अपने जीवन का मूल आधार बनाएं, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत होगा।
इस अवसर पर प्रभु नाथ यादव, जयंत यादव, कृपा शंकर यादव, रामनिवास यादव, पवन यादव, संतोष यादव, राहुल मिश्रा, सुनील शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गांव के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आपसी संवाद और सौहार्दपूर्ण वातावरण के साथ हुआ। ग्राम सभा अतरौली में आयोजित यह समारोह सामाजिक एकता, राष्ट्रप्रेम और सम्मान की भावना का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।









