गाजीपुर। आईएस-191 गैंग के सरगना मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी और बीएसएनएल विभाग में हुए करोड़ों के डीजल घोटाले के मुख्य आरोपी शादाब उर्फ डंपी निवासी बरबरहना थाना शहर कोतवाली को लखनऊ पुलिस ने दबोच लिया है।
सूत्रों के अनुसार, डंपी और मुख्तार गैंग से जुड़े कई लोगों ने विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पर बीएसएनएल टावरों में डीजल सप्लाई का टेंडर जबरिया हासिल कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया था। इस बड़े खेल में नगर क्षेत्र का रहने वाला इमरान नामक युवक भी डंपी का खास सहयोगी बताया जा रहा है, जिसने विभाग में अपनी धाक मुख्तार और डंपी के नाम पर जमा रखी थी।
करीब दो साल पहले इस मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच भी बैठी थी। ईडी प्रयागराज की टीम ने गाजीपुर बीएसएनएल कार्यालय से घोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए थे। मामला जब मीडिया में उछला, तो डंपी देश छोड़कर दुबई भाग गया था। लेकिन कहते हैं कि चूहा चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, बिल से बाहर जरूर निकलता है और बिल्ली उसी दिन का इंतज़ार करती है। इसी कहावत की तरह डंपी भी हाल ही में दुबई से मुंबई होते हुए लखनऊ पहुंचा, जहां किसी मुलाकात के दौरान पुलिस ने उसे ट्रैक कर दबोच लिया। अब लखनऊ पुलिस की पूछताछ में बीएसएनएल डीजल घोटाले से जुड़े कई बड़े चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि डंपी की गिरफ्तारी के बाद मुख्तार गैंग और विभागीय अफसरों के गठजोड़ की पूरी पोल खुल जाएगी।
डंपी की गिरफ्तारी से मुख्तार अंसारी नेटवर्क को बड़ा झटका, बीएसएनएल घोटाले के असली खिलाड़ियों की उलटी गिनती शुरू।








