गाजीपुर। संवेदनशील पहल दिखाते हुए महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केन्द्र, गाजीपुर ने बिखरे रिश्तों को जोड़ने का अनूठा काम किया। पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा के निर्देशन में पुलिस लाइन प्रांगण में पारिवारिक विवादों की सुनवाई की गई। कुल 42 प्रकरण सुने गए, जिनमें से 4 पुराने विवादित मामले आपसी बातचीत और मध्यस्थता से सुलझ गए। पति-पत्नी ने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को स्वीकार किया और पुलिस की मौजूदगी में भावुक माहौल में उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
वहीं, 18 प्रकरणों में मध्यस्थता असफल रहने पर कानूनी कार्रवाई का सुझाव देते हुए पत्रावली बंद कर दी गई। 8 मामलों में विवाद स्वतः समाप्त हो जाने पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों की सुनवाई के लिए अगली तिथि तय की गई।
इन प्रकरणों के निस्तारण में विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरूद्दीन, पूजा श्रीवास्तव सहित महिला आरक्षी रागिनी चौबे, सोनाली, सबिता, अभिलाषा, संध्या एवं महिला होमगार्ड उर्मिला गिरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिवारों की पुनर्मिलन के इस क्षण ने साबित किया कि जहाँ पुलिस संवेदनशील हो, वहाँ बिखरे रिश्तों को भी नया जीवन मिल जाता है।
गाजीपुर: महिला सहायता प्रकोष्ठ की पहल रंग लाई: बिछड़े रिश्तों में लौटी मिठास, चार परिवारों की हुई भावुक विदाई
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