गाजीपुर। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र ने मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की। दिनांक 18 सितम्बर 2025 को केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से जुड़े कुल 17 मामलों की सुनवाई हुई।
इनमें से 4 पुराने और विवादित प्रकरणों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मध्यस्थता के जरिए गिले-शिकवे भुलवाए गए और राजी-खुशी विदाई कराई गई। लंबे समय से अलग रह रहे परिवार एक बार फिर साथ आए तो मौके पर भावुक नजारे देखने को मिले।
अन्य निस्तारण :
पांच प्रकरणों में विधिक कार्यवाही का सुझाव देकर पत्रावली बंद की गई,दो प्रकरणों में विवाद पूरी तरह सुलझने पर पत्रावली समाप्त की गई तथा शेष प्रकरणों में अगली तिथि तय कर सुनवाई टाली गई।
मुख्य योगदान :
काउंसलर कमरूद्दीन, विक्रमादित्य मिश्र, महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी शशि सिंह, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, संध्या, अभिलाषा, सोनाली, आरक्षी शिव शंकर यादव और होमगार्ड शैलेश सिंह की सक्रिय मौजूदगी रही।
इस पहल ने साफ कर दिया कि पुलिस अब सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में टूटते रिश्तों को जोड़ने वाली सकारात्मक ताकत बनकर भी सामने आ रही है।
गाजीपुर: परिवार परामर्श केंद्र की पहल : टूट रहे रिश्तों को जोड़ा, 4 बिखरे परिवारों की हुई खुशहाल विदाई
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