गाजीपुर। शहर कोतवाली थाना में अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। रौजा ओवरब्रिज पर दिनदहाड़े मोबाइल छीनने की घटना ने एक बार फिर कोतवाली पुलिस की गश्त और सक्रियता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, मुहल्ला बड़ी बाग चुंगी लंका निवासी सोनू पुत्र शौकत सोमवार की सुबह करीब 10:50 बजे रजदेपुर नबी डॉक्टर के यहां से दवा लेकर घर लौट रहे थे। तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार चार बदमाशों ने पीछे से आकर उनका मोबाइल छीन लिया और फरार होने लगे। प्रार्थी के शोर मचाने पर आस-पास के राहगीरों ने तत्काल प्रतिक्रिया दी और दौड़ाकर दो बदमाशों को मौके से पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजय बिंद पुत्र प्रकाश बिंद एवं सिकंदर पुत्र जनार्दन बिंद, निवासी मिश्रवलिया, थाना कोतवाली के रूप में हुई है। उनके कब्जे से छीनी गई मोबाइल और स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (UP61 AZ 9302) बरामद की गई। वहीं, उनके दो साथी निकेत पुत्र छोटेलाल बिंद व प्रिंस बिंद पुत्र पवन बिंद मौके से फरार हो गए।
पीड़ित सोनू ने पकड़े गए दोनों बदमाशों और बरामद मोबाइल व बाइक के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।
लेकिन सवाल यह है कि शहर के बीचोंबीच बने रौजा ओवरब्रिज पर जब बदमाश इतने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं तो पुलिस की गश्त आखिर किस इलाके में हो रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार चेन, मोबाइल और पर्स लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन कोतवाली पुलिस केवल कागजों की गश्त कर रही है। अगर राहगीर मौके पर न होते, तो बदमाश आसानी से फरार हो जाते।
अब देखना यह है कि पुलिस फरार दो अभियुक्तों को कब तक गिरफ्तार करती है और शहर में अपराधियों के हौसले को लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाती है।
फिलहाल शहर कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
गाजीपुर: शहर में बेखौफ बदमाशों ने छीना मोबाइल: राहगीरों ने दो को धर दबोचा, पुलिस की गश्त पर उठे सवाल
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