गाजीपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गाजीपुर की पॉक्सो अदालत ने आरोपी वीरू उर्फ बृजेश को दोषी करार देते हुए 12 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो प्रथम) रामअवतार प्रसाद की अदालत ने सुनाया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी.
यह घटना 2 जून 2023 की रात सैदपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। अभियोजन के अनुसार, नाबालिग पीड़िता ने बताया कि वह गांव के एक युवक सतीश से प्रेम करती थी, जिसने उसे रात में नदी किनारे बुलाया था। तभी उसका भाई वहां पहुंच गया, जिसे देखकर सतीश भाग निकला।
इसके बाद आरोपी वीरू उर्फ बृजेश ने पीड़िता को झांसे में लेकर कहा कि वह उसे सतीश से मिलवा देगा। वह पीड़िता को अपने साथी परमेश्वर के ईंट भट्ठे पर बने कमरे में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने कुल 7 गवाहों को अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी परमेश्वर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि वीरू उर्फ बृजेश को दोषी पाते हुए 12 वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई और उसे जेल भेज दिया।
गाजीपुर: प्रेमी से मिलवाने के बहाने नाबालिग से दुष्कर्म: पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 12 साल की सजा, 20 हजार जुर्माना
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