गाजीपुर। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के लंका गेट नंबर एक के पास शनिवार सुबह एक मकान को तीन बुलडोजर (जेसीबी) मशीनों से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। यह घटना तब हुई जब घर के सदस्य अंदर सो रहे थे। बताया गया कि इस कार्रवाई के लिए कोई प्रशासनिक आदेश या पुलिस की मौजूदगी नहीं थी।
पीड़ित परिवार के अनुसार, मकान की रजिस्ट्री वर्ष 1987 में हुई थी। इस संपत्ति पर सुमति देवी पत्नी रामपूजन यादव और सुमित्रा देवी पत्नी शिवगोविंद यादव के बीच लंबे समय से स्वामित्व विवाद चल रहा है। परिवार का आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के दबंगई दिखाते हुए बुलडोजर भेज दिया।
अचानक दीवार टूटने और मशीनों के शोर से परिवार के सदस्य बाहर निकले, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मकान पर जेसीबी चलने के दौरान पथराव भी हुआ, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ है।
पीड़ितों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन थाने पर आने के लिए कहकर वापस चली गई। इसके बाद दबंग दोबारा मौके पर पहुंचे और फिर से मकान गिराने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में काफी नोकझोंक हुई।
स्थानीय निवासियों ने बिना आदेश और पुलिस अनुमति के निजी बुलडोजर से मकान गिराने को कानून का उल्लंघन बताया। घटना के बाद घर के लोग सड़क पर आ गए और प्रशासन से न्याय की मांग करने लगे। इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने में बातचीत के लिए बुलाया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि तहरीर मिली है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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