गाजीपुर। शहर के ददरीघाट पर रविवार को बड़ी बाग निवासी सुषमा ओझा और उनके पति अमर ओझा स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में चले गए और दोनों एक साथ डूबने लगे । घाट पर तैनात 34वीं वाहिनी पीएसी भुल्लनपुर, वाराणसी की बाढ़ राहत टीम ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल रेस्क्यू किया । पीएसी जवानों के साथ स्थानीय नाविकों और गोताखोरों की मदद से दोनों पति-पत्नी की जान बचा ली गई । माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे थे । इसी दौरान सुषमा ओझा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गईं । पत्नी को डूबता देख उनके पति अमर ओझा भी बचाने के लिए गंगा में कूद पड़े, लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों असंतुलित हो गए । देखते ही देखते घाट पर चीख-पुकार मच गई और एक पल के लिए वहां मौजूद श्रद्धालुओं की सांसें थम सी गईं । घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात 34वीं बटालियन पीएसी की 13 सदस्यीय बाढ़ आपदा राहत टीम हरकत में आ गई । टीम के जवान लाल यादव और सोनू कुमार वर्मा ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगाई । साथ ही स्थानीय नाविक और गोताखोर भी रेस्क्यू में कूद पड़े । प्लाटून कमांडर मुख्तार यादव के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल योगानंद मिश्रा, लांस नायक दिलीप कुमार सिंह सहित पूरी टीम ने समन्वय के साथ काम करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला । टीम लगातार श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की अपील भी कर रही थी ।रेस्क्यू के बाद सुषमा ओझा ने भावुक होकर पीएसी जवानों और स्थानीय गोताखोरों का धन्यवाद किया और कहा कि अगर समय पर मदद न मिलती तो अनहोनी हो सकती थी ।
गाजीपुर: माघ पूर्णिमा पर गंगा में डूबते पति-पत्नी को पीएसी बाढ़ राहत दल और स्थानीय गोताखोरों ने बचाई जान
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