32.1 C
Varanasi
Thursday, May 7, 2026
spot_img

गाजीपुर: मृदा स्वास्थ्य सुधारने में ढैंचा बना किसानों का नया साथी

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
जरुर पढ़े



गाजीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज,अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र आंकुशपुर गाजीपुर के द्वारा ग्राम- आंकुशपुर, ब्लॉक- करण्डा में किसानों को जागरूक करने हेतु उर्वरकों का संतुलित प्रयोग विषय पर एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष  (डॉ. राम गोपाल यादव )कृषि  वैज्ञानिक डॉ. ए. के सिंह , डॉ. नरेंद्र प्रताप, डॉ. दीपक प्रजापति  ने किसानों को  ढैंचा हरी खाद के रूप में प्रयोग एवं मृदा स्वास्थ पर सकारात्मक प्रभाव पर विस्तार से बताया। मिट्टी की घटती उर्वरता किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने ढैचा की खेती को मृदा स्वास्थ्य के लिए वरदान बताया है। इसे हरी खाद के रूप में इस्तेमाल कर किसान रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटा सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं। ढैचा एक दलहनी फसल है और इसकी जड़ों में राइजोबियम बैक्टीरिया  रहते हैं जो हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में स्थिर कर देते हैं। 40-45 दिन की फसल को खेत में पलटने से 60-80 किलो नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर तक मिल जाती है  ढैचा की हरी पत्तियां और तने सड़कर मिट्टी में भारी मात्रा में कार्बनिक पदार्थ जोड़ते हैं। इससे मिट्टी भुरभुरी होती है, जलधारण क्षमता और सूक्ष्मजीवों की संख्या तेजी से बढ़ती है। ढैचा उसर और क्षारीय जमीन को सुधारने में बहुत कारगर है। इसकी जड़ें गहराई तक जाकर हार्ड पैन तोड़ती हैं और लवणों को नीचे ले जाती हैं।तेजी से बढ़ने के कारण यह खरपतवार को पनपने नहीं देता। अगली फसल में निराई-गुड़ाई का खर्च कम हो जाता है।अप्रैल-मई में ढैचा बोना सबसे फायदेमंद है। 10-15 किलो बीज प्रति एकड़ की दर से छिटकवां विधि से बुवाई करें। बुवाई के 40-45 दिन बाद, फूल आने से पहले जब पौधे 1.5-2 फीट के हो जाएं तब कल्टीवेटर या रोटावेटर से खेत में पलट दें। पलटने के 8-10 दिन बाद धान की रोपाई करें।लगातार रासायनिक खेती से मिट्टी सख्त और बेजान हो रही है। हर 2-3 साल में एक बार ढैचा की हरी खाद जरूर करें। यह न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधारता है, बल्कि अगली फसल की लागत घटाकर मुनाफा भी बढ़ाता है।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लेटेस्ट पोस्ट

गाजीपुर: कोडीन कफ सिरप कांड का मुख्‍य आरोपी शुभम सिंह ने कोर्ट में किया आत्‍मसमर्पण

गाजीपुर। कोडीन कफ सिरप मामले में आरोपी शुभम सिंह ने आज न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। जनपद में कोडीन...

ख़बरें यह भी