गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में 22 अप्रैल को हुए पत्थरकांड ने अब पूरी तरह सियासी रंग अख्तियार कर लिया है। घटना में घायल स्थानीय युवक सूरज सिंह को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच खुली ‘दावेदारी’ शुरू हो गई है, जिससे जिले की सियासत गरमा उठी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट कर सूरज सिंह को समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बताया। इस पोस्ट के सामने आते ही मामला और तूल पकड़ गया।
वहीं, जवाबी मोर्चा खोलते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के जिला अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने प्रेस वार्ता कर साफ कहा कि घायल सूरज सिंह उनके संगठन का सक्रिय कार्यकर्ता है। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। वहीं स्थानीय गांव निवासी सूरज सिंह ने बताया कि हम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता नहीं है।
एक ओर जहां राजनीतिक दल घटना को अपने पक्ष में भुनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठन भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे। दरअसल बीते 22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के पंद्रह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब ढ़ाई सौ लोग कटरिया में मृतक निशा विश्वकर्मा के परिजनों से मुलाकात करने आया था तभी गांव के। ग्रामीणों और महिला ने गंदी राजनीति बंद करो और समाजवादी पार्टी मुर्दाबाद तख्ती पर लिखकर विरोध करना शुरू कर दिया। आधा घंटे बाद जंगीपुर से सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव अपने प्रतिनिधि मंडल समेत क़रीब ढाई सौ लोगों के साथ सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। वहीं सपा प्रतिनिधि मंडल ने जारी किये गये विज्ञप्ति मे बलात्कार कर हत्या कर देंने की शब्द लिखने के बाद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह आंशू ने इसका विरोध करते हुए ग्रामीणों का हस्ताक्षर कराकर जिलाधिकारी से शिकायत किया था। अभी पीड़ित परिवार से प्रतिनिधि मंडल हो हल्ला करते हुए बात कर ही रही थी कि इसी बीच स्थानीय गांव निवासी सूरज सिंह लहुलुहान हालत में आ गया सूरज का आरोप है कि समाज वादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल में आये ढ़ाई सौ लोगों में से ही लोगों ने हमला किया है। इसके बाद समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल में आये लोगों ने डंडा चलाना शुरू कर दिया फिर देखते ही देखते पत्थराव शुरू हो गया। पथराव में करंडा थाना अध्यक्ष संतोष कुमार पाठक, शहर कोतवाल महेंद्र सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर शेखर सेंगर समेत अन्य घायल हो गये। इस घटना के बाद दुकाने बंद हो गई थी और लोग डरकर अपने -अपने घर में छिप गये थे। वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा ने कहा कि सिर्फ पंद्रह लोगों को ही जाने के लिए प्रतिनिधि मंडल को कहा गया था लेकिन अराजकता फैलाने के लिए ढाई सौ लोगों को लेकर गांव में जाया गया था। पूरे मामले में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, जंगीपुर से सपा विधायक डॉ वीरेंद्र यादव और सदर से सपा विधायक जैकिशन शाहू समेत 46 नामजद एवं 200 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दस लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज दी है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लेकिन जिस तरह से ‘अपना-अपना कार्यकर्ता’ बताने की होड़ मची है, उसने कटरिया कांड को अब सियासी अखाड़ा बना दिया है।
गाजीपुर: कटरिया पत्थर कांड में आखिर किसका कार्यकर्ता हैं घायल सूरज: समाजवादी पार्टी या क्षत्रिय महासभा युवा
जरुर पढ़े







