गाज़ीपुर। करंडा क्षेत्र स्थित कटरिया गांव में नाबालिग निशा विश्वकर्मा की मौत के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है। शनिवार को पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और सरकार की ओर से सहायता प्रदान की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा भेजा गया 5 लाख का चेक परिवार को सौंपा। साथ ही, खेती के लिए डेढ़ बीघा जमीन के पट्टे के कागजात और रहने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना और शौचालय का पत्र भी दिया।
इस घटना के बाद से प्रदेश लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा था, जहां ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और ईंट-पत्थर चलने की घटना भी हुई, जिसमें थानाध्यक्ष करंडा संतोष कुमार पाठक, शहर कोतवाल महेंद्र सिंह और सीओ सिटी शेखर सेंगर समेत ग्रामीण सूरज शिकारी , ग्रामीण महिला रीता पाण्डेय और सपा से रामाश्रय विश्वकर्मा घायल हुए थे। मामले मे मुकदमे दर्ज किए गए और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सत्येंद्र यादव ‘सत्या’ सहित दस लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
पुलिस ने वहीं मूल मामले में मुख्य आरोपी हरिओम पांडेय को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसी बीच 29 अप्रैल को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के गांव आने की खबर सामने आई थी। इससे पहले ही 25 अप्रैल की शाम ओमप्रकाश राजभर का गांव पहुंचना राजनीतिक रूप से एक अहम कदम माना जा रहा है।










