गाजीपुर। करण्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरियां गांव में हुई एक दुखद घटना को लेकर अब सियासी बयानबाजी और भ्रामक प्रचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह के साथ ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर गंभीर आरोप लगाया है कि कुछ राजनीतिक दल और बाहरी लोग तथ्यहीन बातें फैलाकर गांव का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रार्थना-पत्र के मुताबिक, समाजवादी पार्टी द्वारा जारी विज्ञप्ति में जिस तरह नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या और शव को नदी में फेंके जाने का आरोप लगाया गया है, वह न तो पीड़ित परिवार की शिकायत में दर्ज है, न ही पुलिस की एफआईआर में और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। इसके बावजूद इस तरह के आरोपों को प्रचारित कर गांव में तनाव पैदा करने की आशंका जताई गई है। आशुतोष सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे भ्रामक और असत्य तथ्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए और केवल वही जानकारी सार्वजनिक की जाए जो पुलिस अभिलेख और आधिकारिक रिपोर्ट में दर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताना सराहनीय है, लेकिन गलत तथ्यों के सहारे लोगों को भड़काना और राजनीतिक लाभ लेना पूरी तरह अनुचित है।
शिकायती पत्र में यह भी अनुरोध किया गया है कि कटरियां गांव में किसी भी बाहरी प्रतिनिधिमंडल के प्रवेश से पहले प्रशासन स्थिति की गंभीरता को समझे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले ने अब संवेदनशील रूप ले लिया है, जहां एक ओर घटना को लेकर न्याय की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता भी गहराती जा रही है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।









