


गाजीपुर। कटरिया गांव में सियासी टकराव के बीच हुई पत्थरबाजी के दौरान करंडा थाना के थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने ऐसा जज्बा दिखाया, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें थानाध्यक्ष के सर पर पत्थर लगते ही कराहते हुए जमीन पर गिर गये और घायल हो गये। फिर उसके बाद पुलिसकर्मियों ने संभालकर ले गये फिर भी थानाध्यक्ष ने इलाज कराने के बजाय हालात की नाजुकता को देखते हुए गमछा से सर बांधकर खून बहाते हुए उन्होंने पीछे हटने के बजाय मोर्चा संभाले रखा। खून बहने के बावजूद थानाध्यक्ष लगातार मौके पर डटे रहे और पुलिस बल को दिशा-निर्देश देते हुए भीड़ को काबू में करने की कोशिश करते रहे। उनके नेतृत्व में पुलिस ने बिगड़ते हालात को संभालने में अहम भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि कटरिया गांव में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल करीब ढाई सौ के संख्या में पहुंचने के बाद महिलाओं और ग्रामीणों के विरोध ने अचानक उग्र रूप ले लिया था। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। ऐसे मुश्किल हालात में थानाध्यक्ष की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा साफ नजर आई। घायल होने के बावजूद ड्यूटी से पीछे न हटना, उनके जज्बे और जिम्मेदारी का बड़ा उदाहरण बन गया है।
कटरिया बवाल में जहां सियासत गरम है, वहीं करंडा के इस जांबाज थानाध्यक्ष की हिम्मत और फर्ज के प्रति समर्पण ने सबका ध्यान खींच लिया है।







